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  기다림     22-06-21
  이성만   183

초여름인데도  가을  마치  아침과  저녁으로  선선하다.

요  며칠  하늘은  잔뜩  흐리고  먹먹했음에도

기다리는  비는  오다  말거나  내리는  척하다가  말았다.

 

비를  기다린  땅의  생물들도  그  얼마나  애태우고

약이  올랐을까를  생각하니  한편으로

미안한  생각마저  든다.

 

지난  주말을  틈타  다년  생  꽃을  몇  그루  사다  심었고

끈적한  진딧물에  몸살을  앓던  사무실의  열대  야자수도

뒤  뜨락에  옮겨  심었더니  살아나고  있다.

  

또  3만  원에  튼실한  열매가  달린

무화과  한  그루도  사다  심었더니  아직  이파리  싱싱하다.

척박한  토양이건만  잘  살리라.

 

일기  예보가  아니더라도

식물의  변화를  관찰하면  비가  어느  정도  오고  말지를  가늠할  수  있다.

화단의  국화가  자라기를  멈추고  꽃봉오리  여는  것을  보면.


주룩주룩  시원히  내리며  대지를  적셔줄

여름비를  이  아침  기다려본다.





의식과 대상
흐르지않는 시간



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